चित्तौड़गढ़ के विशेष महत्त्वपूर्ण तथ्य →Important facts of Chittorgarh

सांवलिया जी का मन्दिर-मण्डफिया गांव में है, जहाँ जलझूलनी एकादशी को मेला भरता है। (अफीम मन्दिर)

मातृकुण्डियामेला-

राशमी पंचायत समिति क्षेत्र में स्थित हरनाथपुरा गांव में प्रतिवर्ष वैसाखी पूर्णिमा को मातृकुण्डिया का मेला भरता है। 
यह ‘मेवाड़ का हरिद्वार’ के नाम से प्रसिद्ध है।
 लोकमान्यता के अनुसार भगवान परशुराम ने अपनी माता की हत्या के अपराध से मुक्ति हेतु मातृकुण्डिया जलाशय में स्नान किया था। 
श्रद्धालु यहां स्वर्गस्थ परिजनों की अस्थियों का विसर्जन तथा पिण्डदान एवं तर्पण करते है।

दशहरामेला-

निम्बाहेड़ा नगर में प्रतिवर्ष आसोज शुक्ल प्रतिपदा से दशमी तक विख्यात दशहरा मेला लगता है।

प्रसिद्ध लोकदेवता रामदेवजी का एक मन्दिर सुरताखेड़ा (चित्तौडगड़ में भी है)

हजरत दीवान शाह की दरगाह—कपासन, चित्तौडग़ढ़ में है।

घोसुण्डीशिलालेख-

चितौडग़ढ़ में है, जिसे पहली बार डी.आर.भण्डारण ने पढ़ा, इस शिलालेख से वैष्णव सम्प्रदाय की जानकारी मिलती है।

मान मोरी का शिलालेख-

इसे कर्नल टॉड ने समुद्र में फैंका था। इसमें अमृत मंथन का उल्लेख है।

चित्तौड़ का लेख—इसके अनुसार देवालय (मंदिरों) में स्त्रियों का प्रवेश निषेध था।

पन्नाधाय ने अपने पुत्र चंदन का बलिदान ‘कुंभा के महल’ में दिया था।

गोरा-बादल महल, नवलखा बुर्ज, जयमल की हवेली चित्तौडग़ढ़ दुर्ग में है।

जाजम प्रिंट/दाबू प्रिंट—

आकोला के प्रसिद्ध है। आकोला के छपाई के घाघरे प्रसिद्ध हैं।
 बेवाण (मौण), लकड़ी की कावड़, मिट्टी के खिलौने-बस्सी (चित्तौडग़ढ़ ) के प्रसिद्ध हैं।

राष्ट्रीय साक्षरता मिशन द्वारा साक्षरता के क्षेत्र में दिया जाने वाला देश का सर्वोच्च पुरस्कार ”सत्येन मैत्रेय पुरस्कार” 2007 में चित्तौडगढ़ को दिया।

राजस्थान में खाट आन्दोलन-अचलपुरा (भदेसर, चित्तौडगढ़) से चलाया।

नटों की सबसे बड़ी बस्ती-सज्जनखान का डेरा, निम्बाहेड़ा, चित्तौड़ में है।

राजस्थान की निजी क्षेत्र में प्रथम चीनी मिल-द मेवाड़ शुगर मिल्स लिमिटेड—1932 में, चित्तौडग़ढ़ के भोपालसागर में है।

JK सीमेंट कारखाना-निम्बाहेड़ा, चित्तौडगढ़, राज्य में सबसे बड़ा सीमेंट उत्पादक केन्द्र।

रावतभाटा—चित्तौड़गढ़

1960 के दशक में कनाडा की एईसीएल कंपनी की सहायता से इस स्थान को परमाणु ऊर्जा केन्द्र के रूप में बदला गया। भारत का दूसरा अणुशक्ति केन्द्र। रावतभाटा, राजस्थान की अणु नगरी के नाम से प्रसिद्ध है।

सुपर जिंक स्मेलटर प्लांट-चंदेरिया में है। यह ब्रिटेन की सहायता से स्थापित है।

राजस्थान में सफेद सीमेंट का तीसरा कारखाना—मांगरोल चित्तौड़ में है।

मोतीलाल तेजावत ने एकी आन्दोलन की शुरूआत
आदिवासियों के मसीहा, बावजी, मेवाड़ के गाँधी के नाम से प्रसिद्ध
मातृकुण्डिया से की इसमें भीलों की 21 माँगों का जिक्र किया जिसे ‘मेवाड़ पुकार’ की संज्ञा दी गई।

कोमल कोठारी—
कपासन इनकी जन्मस्थली है। ये देश के शीर्षस्थ लोक कला मर्मज्ञों में से एक रहे हैं।

तुर्रा कलंगी—ख्याल चितौडग़ढ़ का प्रसिद्ध है।