भीलवाड़ा के चर्चित व्यक्तित्व →famous people of bhilwara
विजय सिंह पथिक—
बिजौलिया किसान आन्दोलन के जनक।
1917 में उपरमाल पंच बोर्ड की स्थापना। (इनका जन्म गुठावली गाँव-बुलन्द शहर, उत्तरप्रदेश में हुआ)
केसरी सिंह बारहठ—
21 नवम्बर 1872 को शाहपुरा में जन्म। ”चेतावनी रा चुँगठिया” के लेखक – वर्ष 1903 में लॉर्ड कर्ज़न द्वारा आयोजित ‘दिल्ली दरबार’ में सभी राजाओं के साथ मेवाड़ के महाराणा का जाना राजस्थान के जागीरदार क्रान्तिकारियों को उचित नहीं लग रहा था।
अतः उन्हें रोकने के लिये शेखावाटी के मलसीसर के ठाकुर भूरसिंह ने ठाकुर करण सिंह जोबनेर व राव गोपाल सिंह खरवा के साथ मिलकर महाराणा फ़तेह सिंह को दिल्ली जाने से रोकने की जिम्मेदारी क्रांतिकारी कवि केसरी सिंह बारहट को दी।
केसरी सिंह ने “चेतावनी रा चुंग्ट्या” नामक सोरठे रचे, जिन्हें पढ़कर महाराणा अत्यधिक प्रभावित हुए और ‘दिल्ली दरबार’ में न जाने का निश्चय किया।
सन 1920-21 में
वर्धा में केसरी जी के नाम से ‘राजस्थान केसरी’ नामक साप्ताहिक समाचार पत्र शुरू किया गया था,
जिसके संपादक विजय सिंह पथिक थे। वर्धा में ही उनका महात्मा गाँधी से घनिष्ठ संपर्क हुआ। शाहपुरा बस स्टैण्ड पर केसरीसिंह, जोरावरसिंह, प्रतापसिंह बारहठ का त्रिमूर्ति स्मारक है।
माणिक्य लाल वर्मा—
जन्म-बिजौलिया। इनका ‘पंछीड़ा’ नामक लोकगीत बहुत प्रसिद्ध हुआ।
इन्होंने ‘मेवाड़ का वर्तमान शासन’ नामक पुस्तक लिखी। संयुक्त राजस्थान (एकीकरण का तृतीय चरण 18 अप्रैल, 1948) के मुख्यमंत्री।
माणिक्यलाल वर्मा को समाज सेवा के क्षेत्र में भारत सरकार द्वारा सन 1965 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था।
अभिजीत गुप्ता—
सतरंज खिलाड़ी, राज्य के प्रथम एवं देश के 17 वें ग्रैण्डत मास्टर बने है।
इनका जन्मम 16 अक्टू बर 1989 को भीलवाड़ा में हुआ।
जानकीलाल भांड—
अंगुचा (भीलवाड़ा) के निवासी प्रसिद्ध बहरूपिया कलाकार,
जिन्हें ‘मंकी मैन’ के नाम से जाना जाता है।
कैलाश जागेटिया—क्लोथ आर्ट के जन्मदाता।
फड़ चित्रण-
शाहपुरा (भीलवाड़ा) पद्मश्री से सम्मानित श्रीलाल जोशी प्रसिद्ध कलाकार हैं।