अलवर प्रजामंडल आंदोलन -Alwar Praja Mandal Movement
अलवर प्रजामंडल आंदोलन — 1938 ई. में अलवर राज्य प्रजामंडल की स्थापना पं. हरिनारायण शर्मा द्वारा कुंजबिहारी मोदी के सहयोग से की गई। इसके अध्यक्ष श्री लक्ष्मणस्वरूप त्रिपाठी को बनाया गया। जनवरी 1944 ई. में अलवर प्रजामंडल का अधिवेशन भवानी शंकर शर्मा की अध्यक्षता में हुआ।
खुशखेड़ा (अलवर) में पुष्प पार्क बनाया गया है।
नीमराणा दुर्ग पाँच मंजिला बना हुआ है, अत: इसे ‘पंचमहल’ कहते हैं।
भारत का प्रथम अल्पसंख्यक साइबर ग्राम-चन्दौली (अलवर) स्थापना-19 फरवरी, 2014.
अधिक संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करने हेतु फरवरी माह में आयोजित ‘अलवर उत्सव’ को वर्ष 2008 से ‘मत्स्य उत्सव’ के रूप में मनाया जा रहा है
नीमूचणा काण्ड —
14/05/1925, किसान आन्दोलन के प्रसिद्ध नीमूचणा काण्ड को गाँधीजी ने जलियांवाला बाग हत्याकाण्ड जैसी वीभत्स घटना बताया।
राजस्थान में सर्वाधिक वृहद औद्योगिक ईकाइयाँ अलवर में हैं।
ईस्ट इंडिया कम्पनी के साथ सर्वप्रथम सहायक संधि अलवर के महाराजा तेजसिंह ने की।