बीकानेर के प्रसिद्ध व्यक्तित्व →Famous Personalities of Bikaner

महाराजा गंगा सिंह—

इन्हें आधुनिक भारत का भागीरथ कहा जाता है, गंगनहर लाने का श्रेय इन्हें प्राप्त है।

गंगनहर का निर्माण 1922-27 ई. में हुआ। यह नहर पंजाब के हुसैनीवाला जिले से सतलज नदी से निकाली गई है।

यह राजस्थान की सबसे प्राचीन नहर है। इस नहर का उद्घाटन लॉर्ड इरविन ने किया था।

कंवर सेन—


विख्यात इंजीनियर इंदिरा गाँधी नहर का जनक है। यह राजस्थान में पद्मभूषण से सम्मानित होने वाले प्रथम व्यक्ति-1956।

पृथ्वीराज राठौड़—

राव कल्याणमल का छोटे भाई ‘पीथल’ एवं ‘डिंगल का हैरौस’ के नाम से जाना जाता है।

इनकी रचना बेलि किसन रुक्मणी री ख्यात, गंगा लहरी, गंगाजी का दूहा।

‘बेलिक्रिसन रूक्मणी री ख्यात’ ग्रन्थ के दो पात्र पीथल व पाथल है।

इस ग्रन्थ की रचना अकबर के समय डिंगल भाषा (उत्तरी मारवाड़ी) में गागरोण दुर्ग में हुई थी। टॉड ने इस ग्रन्थ को पढ़कर कहा कि शायद प्रताप ने अकबर की अधीनता स्वीकार की। दुरसा आढ़ा ने इस ग्रन्थ को 5वां वेद व 19वां पुराण बताया था। [पीथल—स्वयं, पाथल—प्रताप] डॉ. तैस्सीतोरी ने इसे ‘डिंगल का हैरोस’ कहा था।

राजस्थान की प्रथम महिला जिला कलेक्टर-ओटिमा बोर्डिया।

कुंवर जसवन्त सिंह—

राजस्थान की प्रथम विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता (निर्दलीय उम्मीदवार)।

डॉ. करणी सिंह—

सर्वश्रेष्ठ निशानेबाज,

1961 में अर्जुन पुरस्कार प्राप्त करने वाले प्रथम राजस्थानी।

बीकानेर की मांड गायिकी


अल्ला जिलाई बाई (गीत-केसरिया बालम पधारो म्हारे देश) को 1982 में पद्मश्री से नवाजा गया।